गया । गयाजी की पावन भूमि पर देश व विदेश के जाने माने वैज्ञानिक और एनआरआई फरवरी 2010 में गया कालेज में जुटेगें। वैज्ञानिकों के सम्मेलन का उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति डा.एपी जे अब्दुल कलाम करेंगे। उनके साथ में सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उपस्थित रहेंगे। इस आशय की जानकारी बुधवार को गया कालेज में आयोजित एक प्रेस वार्ता में प्राचार्य डा. श्रीकांत शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति से उद्घाटन करने की अनुमति मिल गयी है केवल विभागीय खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि बिहार ब्रेन एसटोलोजिस्ट सेंटर द्वारा तीसरा बिहार साइंस सम्मेलन 2010 का आयोजन गया में पहलीबार 11 से 13 फरवरी 2010 को हो रहा है। सम्मेलन में एनआरआई एवं वैज्ञानिक शिरकत करेंगे। तीनों दिनों के सम्मेलन में कई ज्वलंत विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्ेश्य रिसर्च के गुणवता को सुधारना है। देश के वैज्ञानिकों एवं एनआरआई के मार्ग दर्शन का लाभ स्थानीय लोग उठा पायेंगे। इसके सहारे स्थानीय छात्रों को विदेशों में अपना परचम लहराने का मौका मिलेगा। इसमें देश व विदेश के करीब 6 सौ वैज्ञानिक शामिल होने की संभावना है। देश एवं विदेशों में बिहार तथा गयाजी की जो छवि है उसमें निखार लाने के लिए यह सम्मेलन कारगर साबित होगी। श्री शर्मा ने बताया कि बिहार में ढ़ाचा का निर्माण हो गया है। अब केवल जरूरत है। फिजिकल विकास जरूरत है। यहां वैसे लोग भी आ रहे जिनका पूर्व गयाजी एवं बिहार से पुराना लगाव रहा है। सम्मेलन में डा. आर.के पचौरी अध्यक्ष टेरी दिल्ली, सैम पेट्रोडा अध्यक्ष राष्ट्रीय ज्ञान आयोग दिल्ली,प्रो. एसी हसनैन कुलपति हैदराबाद विश्वविद्यालय सह प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार, डा. उपेंद्र नाथ सिंह चीफ टेकनौलिजिस्ट नासा यूएसए, डा.अजय झा प्रोग्राम निदेशक कोलाडो स्टेट यूएसए, डा. राजेश कुमार मिश्रा सहायक टेकनौजिस्ट यूएसए, प्रो. अनिमेश झा यूके, डा. संजय कुमार विभागाध्यक्ष मेडिसीन आक्सफोर्ड, प्रो. हन.एच.ली. डायरेक्टर बायेाटेकनोलोजी कोनकू विश्वविद्यालय साउथ कोरिया, डा. समीर ब्रह्मचारी डीजी सीएसआइआर, दिल्ली, प्रो. एम के मिश्रा विभागध्यक्ष रसायन शास्त्र, आईआईटी मुम्बई, प्रो. सोवनी एल राव निम्हांस बंगलौर आदि शामिल होने की सूचना मिली है।